Peepal ya Ekant Sthal (guru ke saath) - An Overview

ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।

शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री

विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.

डॉ. कुणाल कुमार झा ने बताया कि इस नवरात्रि में साधक लोग पूरे विश्व के भले के more info लिए साधना करेंगे, जिससे अच्छा फल मिले. यह नवरात्रि तंत्र साधकों के लिए खास मानी जाती है, जो अपनी तंत्र साधना को दूसरों से छिपाकर करते हैं.

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।

* लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर हो जाती हैं।

देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।

मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।

कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।

पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।

यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।

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